सारण। बॉलीवुड की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'शोले' का वह दृश्य तो आपको याद ही होगा, जिसमें वीरू अपनी मौसी को मनाने के लिए पानी की टंकी पर चढ़ जाता है और कूदने की धमकी देता है। ठीक ऐसा ही एक असली और हाईवोल्टेज ड्रामा शुक्रवार को बिहार के सारण जिले के अमनौर थाना क्षेत्र में देखने को मिला। यहाँ एक नवविवाहित युवक अपनी रूठी हुई पत्नी को वापस बुलाने की जिद में गांव के ही एक ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गया। टावर की ऊंचाई पर बैठकर उसने चिल्लाते हुए साफ कह दिया "जब तक मेरी पत्नी मौके पर नहीं आएगी, तब तक मैं नीचे नहीं उतरूंगा।" इसके बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और घंटो तक सांसें अटकी रहीं।
यह पूरा मामला कैतुका लच्छी पंचायत का है। मोबाइल टावर पर 'वीरू' बने इस युवक की पहचान स्थानीय निवासी बबन शर्मा के पुत्र मुकेश कुमार के रूप में हुई है, जो टेंट-शामियाना का काम करता है। ग्रामीणों के अनुसार, मुकेश ने महज चार महीने पहले गड़खा प्रखंड के अवतार नगर थाना क्षेत्र की एक युवती से दिघवारा के प्रसिद्ध अंबिका भवानी मंदिर में प्रेम विवाह किया था। दोनों की जिंदगी अच्छी चल रही थी, लेकिन चार दिन पहले किसी बात पर विवाद हुआ और पत्नी अपने मायके (ससुराल) चली गई। पत्नी के जाने से परेशान मुकेश उसे वापस लाने के लिए अपनी ससुराल पहुंचा था। लेकिन वहां बात बनने के बजाय और बिगड़ गई। दोनों पक्षों के बीच तीखी कहासुनी हो गई और ससुराल वालों ने साफ तौर पर बेटी की विदाई करने से इनकार कर दिया। खाली हाथ और गुस्से में लाल होकर मुकेश अपने गांव लौटा। लेकिन वह घर जाने के बजाय सीधे गांव के बीचों-बीच स्थित मोबाइल टावर की तरफ भागा और देखते ही देखते उसकी सबसे ऊंची चोटी पर जा चढ़ा। जैसे ही ग्रामीणों ने एक युवक को टावर पर चढ़ते देखा, पूरे गांव में शोर मच गया। मौके पर सैकड़ों लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। अनहोनी की आशंका को देखते हुए स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही अमनौर थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। स्थानीय पंचायत के मुखिया सुनील राय भी वहां पहुंच गए। मुकेश को सुरक्षित नीचे उतारने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जैसा माहौल बन गया। पुलिस और मुखिया लाउडस्पीकर के जरिए लगातार मुकेश से शांत रहने और नीचे आने की भावुक अपील करते रहे। ग्रामीण चिल्ला-चिल्ला कर उसे समझाते रहे कि मामला बैठकर सुलझा लिया जाएगा, लेकिन मुकेश अपनी जिद पर अड़ा रहा और टावर को मजबूती से पकड़े रहा। घंटों तक चले इस सस्पेंस और ड्रामे के बाद जब प्रशासन को कोई रास्ता नहीं सूझा, तो तुरंत पुलिस की एक टीम को भेजकर मुकेश की पत्नी को मायके से सीधे घटनास्थल पर बुलाया गया। जैसे ही मुकेश ने टावर के नीचे अपनी पत्नी को खड़े देखा, उसका गुस्सा शांत हो गया। पत्नी के आते ही वह धीरे-धीरे टावर से सुरक्षित नीचे उतर आया। मुकेश के पैर जमीन पर पड़ते ही पुलिस, प्रशासन और वहां मौजूद हजारों ग्रामीणों ने राहत की गहरी सांस ली। नीचे उतरने के बाद पुलिस ने युवक को अपनी हिरासत में लिया और थाने ले जाकर उसकी उचित काउंसलिंग कराई। अधिकारियों ने पति-पत्नी और दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया और मुकेश को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। इस 'फिल्मी लव स्टोरी' और हाईवोल्टेज ड्रामे की चर्चा अब पूरे जिले में चटखारे लेकर की जा रही है।

