मोतिहारी। बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने मंगलवार को मानव तस्करी और अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए छापेमारी की। फेनहरा थाना क्षेत्र के कालूपाकड़ गांव में आरोपी मोहम्मद कलामुद्दीन के घर पर तड़के सुबह पहुंची एनआईए टीम ने करीब पांच घंटे तक तलाशी और पूछताछ की। कार्रवाई के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जांच की गई तथा आरोपी का मोबाइल फोन जब्त कर लिया गया। एनआईए ने उसे पूछताछ के लिए 13 जुलाई को पटना स्थित अपने कार्यालय में उपस्थित होने का नोटिस भी दिया है।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह लगभग पांच बजे एनआईए की टीम सुरक्षा बलों के साथ कालूपाकड़ गांव पहुंची। टीम ने पूरे घर को घेरकर तलाशी अभियान शुरू किया और परिवार के सदस्यों से भी पूछताछ की। अधिकारियों ने मोबाइल डेटा, बैंक लेन-देन, विदेश यात्रा से जुड़े दस्तावेज, कॉल डिटेल और सोशल मीडिया गतिविधियों की गहन जांच की। जब्त किए गए मोबाइल की अब फॉरेंसिक जांच कर डिजिटल साक्ष्य जुटाए जाएंगे। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मोहम्मद कलामुद्दीन कथित तौर पर ऐसे नेटवर्क से जुड़ा हुआ था, जो भारतीय युवकों को विदेश में आकर्षक नौकरी का झांसा देकर कंबोडिया भेजता था। जांच एजेंसियों के अनुसार, वह गोपालगंज के एक युवक के संपर्क में आया था और उसी के माध्यम से विदेश भेजने की प्रक्रिया में सहयोग करता था। आरोप है कि वह टिकट, यात्रा संबंधी दस्तावेज और अन्य व्यवस्थाओं में मदद करता था, जिससे युवकों को आसानी से विदेश भेजा जा सके। जांच में यह भी सामने आया है कि कंबोडिया पहुंचने के बाद कई भारतीय युवकों को उनकी इच्छा के विरुद्ध वहां बंधक बनाकर रखा जाता था। इसके बाद उनसे ऑनलाइन साइबर ठगी, फर्जी कॉल सेंटर संचालन, डिजिटल फ्रॉड और अन्य साइबर अपराध करवाए जाते थे। सूत्रों के अनुसार, विरोध करने वाले युवकों को प्रताड़ित किया जाता था और उन्हें भारत लौटने की अनुमति भी नहीं दी जाती थी। ऐसे मामलों ने हाल के वर्षों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर चिंता पैदा की है। सूत्रों के मुताबिक, मोहम्मद कलामुद्दीन का नाम एनआईए के केस RC-10/2024/NIA/DLI में शामिल है। यह मामला मानव तस्करी, विदेशी साइबर अपराध सिंडिकेट और भारतीय युवकों को झूठे वादों के जरिए विदेश भेजने वाले संगठित गिरोह की जांच से जुड़ा है। जांच एजेंसी को आशंका है कि इस नेटवर्क के तार कई राज्यों के अलावा विदेशों तक फैले हो सकते हैं और इसमें कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। छापेमारी के दौरान एनआईए अधिकारियों ने आरोपी से उसके संपर्कों, बैंक खातों, विदेश यात्राओं, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया अकाउंट और विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म पर हुई बातचीत के बारे में विस्तार से पूछताछ की। अधिकारियों का मानना है कि जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों से इस नेटवर्क से जुड़े कई अहम सुराग मिल सकते हैं। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच और कार्रवाई की जाएगी। हालांकि फिलहाल एनआईए ने मोहम्मद कलामुद्दीन को गिरफ्तार नहीं किया है, लेकिन उसे नोटिस जारी कर 13 जुलाई को पटना में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच के दौरान अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में कंबोडिया, म्यांमार और लाओस जैसे दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में भारतीय युवकों को ऊंची तनख्वाह वाली नौकरी का लालच देकर ले जाने और वहां जबरन साइबर ठगी के नेटवर्क में शामिल कराने के कई मामले सामने आए हैं। इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए एनआईए और अन्य केंद्रीय एजेंसियां देशभर में लगातार कार्रवाई कर ऐसे अंतरराष्ट्रीय गिरोहों का पर्दाफाश करने में जुटी हैं। मोतिहारी में हुई यह छापेमारी भी इसी व्यापक अभियान का हिस्सा मानी जा रही है।

