हंगामे से "हौसलों" तक: कटिहार में लाठी की जगह थमा बल्ला, डीएम-एसपी ने खेल-खेल में युवाओं को दिया जीत का मंत्र

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कटिहार। देशभर में 'नीट' प्रश्न पत्र लीक को लेकर मचे बवाल और जगह-जगह हो रहे छात्रों के उग्र प्रदर्शनों के बीच बिहार के कटिहार जिले से प्रशासनिक संवेदनशीलता की एक बेहद अलग और प्रेरक तस्वीर सामने आई है। जहाँ एक तरफ हिंसक प्रदर्शनों और लाठीचार्ज की खबरें सुर्खियों में हैं, वहीं कटिहार जिला प्रशासन ने युवाओं के आक्रोश को शांत करने और उनसे जुड़ने के लिए एक अनूठा और सकारात्मक रास्ता चुना। उपद्रव और लाठीचार्ज के बाद बने तनावपूर्ण माहौल को खत्म करने के लिए कटिहार के जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी और पुलिस अधीक्षक परिचय कुमार खुद खेल के मैदान में उतरे। दोनों आला अधिकारियों ने न केवल युवाओं के साथ क्रिकेट खेला, बल्कि खेल-खेल में संवाद स्थापित कर युवाओं को भटकाव छोड़कर अपने सुनहरे भविष्य पर ध्यान देने की सीख दी।

कटिहार के क्रिकेट मैदान में उस वक्त माहौल एकदम बदल गया, जब जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी खुद पिच पर उतरे। उन्होंने हाथ में बल्ला थामा और शानदार शॉट लगाकर मैदान में मौजूद युवाओं और खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ा दिया। मैच के बाद युवाओं से संवाद करते हुए डीएम ने अपने खास शायराना अंदाज में उनका मार्गदर्शन किया। डीएम आशुतोष द्विवेदी ने शायरी के जरिए युवाओं का हौसला बढ़ाते हुए कहा कितने रोड़े लगाएगा जालिम मेरी मंजिल के रास्तों पर, हौसलों में जान है तो मंजिल खुद कदम चूमेगी। उनकी इस शायरी पर पूरा मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। युवाओं को संबोधित करते हुए डीएम ने कहा कि जीवन में कठिनाइयां और चुनौतियां आती रहेंगी, लेकिन सही मायने में सफलता की कुंजी यही है कि लक्ष्य से भटके बिना शिक्षा और मेहनत के रास्ते पर आगे बढ़ा जाए। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपनी ऊर्जा का सही इस्तेमाल करें और किसी भी असामाजिक तत्व के हाथों का मोहरा बनने से बचें। कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक परिचय कुमार ने कानून-व्यवस्था और बीते दिनों हुई घटना पर स्पष्ट रुख अपनाया। उन्होंने युवाओं को याद दिलाया कि 23 जुलाई को नीट पेपर लीक के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने छात्रों की आड़ ली थी। उन उपद्रवियों ने समाहरणालय (कलेक्टरेट) के मुख्य द्वार को क्षतिग्रस्त करने का प्रयास किया और पथराव किया था, जिसके बाद शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को मजबूरी में बल प्रयोग और लाठीचार्ज करना पड़ा था। एसपी ने कहा हिंसा और अराजकता फैलाने वाले उपद्रवियों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई जारी है। लेकिन अगर किसी छात्र या नागरिक को अपनी बात रखनी है, तो प्रशासन हमेशा लोकतांत्रिक तरीके और संवाद से बात सुनने के लिए तैयार है। उल्लेखनीय है कि 23 जुलाई की घटना के बाद कटिहार में माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया था। लेकिन हालात सामान्य होते ही प्रशासन ने लाठी और सख्ती का रास्ता छोड़कर खेल और संवाद के माध्यम से एक बेहद सकारात्मक संदेश देने की यह अनूठी पहल की है। क्रिकेट के मैदान से दिया गया यह संदेश स्पष्ट और सीधा था देश का युवा अपनी शक्ति और समय को शिक्षा, खेल और बेहतर भविष्य के निर्माण में लगाए, न कि किसी के बहकावे में आकर अपनी जिंदगी और करियर को हिंसा की आग में झोंके। कटिहार प्रशासन की इस 'स्पोर्ट्स डिप्लोमेसी' की अब हर तरफ सराहना हो रही है।