देहरादून। उत्तराखंड में युवाओं को राष्ट्र निर्माण और नेतृत्व विकास से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के विस्तार और उसके आधारभूत ढांचे को मजबूत बनाने के लिए हरसंभव सहयोग करेगी। मुख्यमंत्री से बुधवार को एनसीसी के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स ने शिष्टाचार भेंट कर राज्य में एनसीसी के विस्तार और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में सीमांत और दुर्गम क्षेत्रों तक एनसीसी की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने, नई एनसीसी इकाइयों की स्थापना, आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं के विकास तथा प्रस्तावित एनसीसी अकादमी की स्थापना जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड जैसे सीमावर्ती राज्य में युवाओं को एनसीसी से जोड़ना केवल व्यक्तित्व विकास का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का भी महत्वपूर्ण कदम है।
एनसीसी के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स ने मुख्यमंत्री को बताया कि राज्य के अधिक से अधिक युवाओं को संगठन से जोड़ने के लिए सीमावर्ती और दूरस्थ क्षेत्रों में नई एनसीसी इकाइयों का गठन आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आधुनिक प्रशिक्षण अवसंरचना, बेहतर सुविधाएं और प्रस्तावित एनसीसी अकादमी राज्य में कैडेटों के प्रशिक्षण को नई दिशा देंगी। उन्होंने इन योजनाओं के लिए राज्य सरकार से सहयोग का आग्रह भी किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के सर्वांगीण विकास, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, राष्ट्रभक्ति और सेवा भाव को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय कैडेट कोर देश का एक प्रतिष्ठित संगठन है, जो युवाओं में राष्ट्रीय चरित्र, आत्मविश्वास, नेतृत्व कौशल और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में राज्य में एनसीसी का विस्तार समय की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि एनसीसी के विस्तार से जुड़ी सभी योजनाओं और आधारभूत संरचना विकास के लिए राज्य सरकार पूरा सहयोग देगी। उन्होंने अधिकारियों को इन परियोजनाओं के प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए आवश्यक समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि सीमांत और दुर्गम क्षेत्रों के युवाओं को एनसीसी से जोड़ने से उन्हें रक्षा सेवाओं, अर्धसैनिक बलों और अन्य राष्ट्रीय संस्थानों में बेहतर अवसर मिल सकेंगे। साथ ही आपदा प्रबंधन, सामाजिक सेवा और सामुदायिक नेतृत्व जैसे क्षेत्रों में भी उनकी भागीदारी मजबूत होगी। उत्तराखंड जैसे आपदा संभावित राज्य में प्रशिक्षित एनसीसी कैडेट राहत एवं बचाव कार्यों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि राज्य में नई एनसीसी इकाइयों की स्थापना और आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं का विकास युवाओं को अनुशासित एवं आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनने में भी मदद करेगा। प्रस्तावित एनसीसी अकादमी शुरू होने के बाद राज्य के कैडेटों को अत्याधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध होंगी और उन्हें अन्य राज्यों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि राज्य सरकार और एनसीसी के संयुक्त प्रयासों से उत्तराखंड के अधिकाधिक युवाओं को नेतृत्व विकास, व्यक्तित्व निखार, राष्ट्र सेवा और रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे। इससे सीमांत क्षेत्रों के युवाओं को भी मुख्यधारा से जोड़ने और देश सेवा के लिए प्रेरित करने में महत्वपूर्ण सफलता मिलेगी।

