बिहार में अपराधियों पर होगी सबसे कठोर कार्रवाई, कोई दोषी बख्शा नहीं जाएगा: बोधगया में सीएम सम्राट चौधरी का सख्त संदेश

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गया। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कानून व्यवस्था और अपराधियों को लेकर सरकार की मंशा साफ कर दी है। बोधगया के आलीशान कन्वेंशन सेंटर में 'नए आपराधिक कानूनों' पर आयोजित दो दिवसीय राज्यस्तरीय मंथन कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री ने अपराधियों को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि बिहार में अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई का सिलसिला निरंतर जारी रहेगा, किसी भी दोषी को कतई बख्शा नहीं जाएगा और राज्य में विधि के शासन (कानून का राज) को पूरी दृढ़ता के साथ स्थापित किया जाएगा।

बिहार ज्यूडिशल एकेडमी और बिहार लोक प्रशासन व ग्रामीण विकास संस्थान (बिपार्ड) की देखरेख में आयोजित इस ऐतिहासिक कॉन्फ्रेंस का समापन 5 जुलाई को होगा। इस दो दिवसीय महामंथन में न्यायपालिका और कार्यपालिका का अभूतपूर्व समन्वय देखने को मिल रहा है, जिसमें राज्यभर के करीब ढाई सौ सम्मानित जज और सभी जिलों के पुलिस कप्तान (एसपी) व वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नए आपराधिक कानूनों की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इन नई विधियों का मुख्य उद्देश्य अपराध पर प्रभावी नियंत्रण लगाना, पीड़ितों को समयबद्ध न्याय दिलाना और कानून का कठोर अनुपालन सुनिश्चित करना है। उन्होंने न्यायिक सेवा और कानून विभाग के अधिकारियों का आह्वान करते हुए कहा मैं पूरी तरह से दोनों हाथ खोलकर लॉ डिपार्टमेंट से कहूंगा कि व्यवस्था को ठीक करने के लिए आपका सहयोग मिलते रहना चाहिए। यह कार्यक्रम पांच महत्वपूर्ण विषयों के मंथन से जुड़ा है। इस दो दिवसीय मंथन से न सिर्फ न्याय प्रक्रिया सुलभ होगी, बल्कि बिहार की समृद्धि का रास्ता भी खुलेगा। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बिहार के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए कहा कि दुनिया में शिक्षा का केंद्र हमेशा से बिहार रहा है और राज्य के लोग अपनी बौद्धिक क्षमता (एजुकेशन) के लिए जाने जाते हैं। सरकार इस गौरव को वापस लाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में अभूतपूर्व कदम उठाते हुए इस साल बिहार में एक साथ 211 नए डिग्री कॉलेज खोले गए हैं और 534 मॉडल स्कूलों की स्थापना की गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का जिक्र करते हुए सीएम सम्राट चौधरी ने एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद जब नरेंद्र मोदी नालंदा आए थे, तो उन्होंने मुझे एक बड़ा टास्क दिया था। उनके दिए टास्क पर हमने पूरी तत्परता से काम किया है, जिसके परिणामस्वरूप नालंदा यूनिवर्सिटी में पढ़ाई शुरू हो चुकी है। इसके साथ ही हमें विक्रमशिला को भी पुनर्जीवित करने का निर्देश मिला था। मैं पूरे विश्वास के साथ कहना चाहूंगा कि इसी साल विक्रमशिला विश्वविद्यालय भी पूरी तरह स्थापित हो जाएगा। बोधगया में आयोजित इस राज्यस्तरीय कॉन्फ्रेंस को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नए कानूनों के लागू होने के बाद व्यावहारिक स्तर पर आने वाली चुनौतियों, साक्ष्यों के संकलन और त्वरित न्याय प्रणाली को लेकर जज और पुलिस अधिकारी एक मंच पर विचार-विमर्श कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस मंथन से पुलिस की तफ्तीश में तेजी आएगी और अदालतों में मामलों का निपटारा जल्द हो सकेगा, जिससे आम जनता का कानून पर विश्वास और मजबूत होगा। कुल मिलाकर, बोधगया का यह कन्वेंशन सेंटर अगले दो दिनों तक बिहार की नई और सुदृढ़ कानून व्यवस्था का रोडमैप तैयार करने का गवाह बनने जा रहा है।