गंगोलीहाट। विकास खण्ड गंगोलीहाट से 51 किलोमीटर दूर स्थित बनकोट क्षेत्र की क्षेत्रीय संघर्ष समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक रविवार को समिति के अध्यक्ष शिवराज सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस बैठक में जनपद पिथौरागढ़ के सीमावर्ती क्षेत्रों को जनपद बागेश्वर में मिलाए जाने की लंबे समय से चल रही मांग पर गहन चर्चा हुई। बैठक में पूर्व प्रधान चंचल सिंह बनकोटी ने अपनी बात रखते हुए कहा कि क्षेत्र को बागेश्वर में शामिल करने के लिए पूर्व में कई प्रयास किए जा चुके हैं। इसी क्रम में आज से क्रमिक अनशन शुरू करने की रणनीति बनाई गई थी। हालांकि वर्तमान में लागू आचार संहिता को देखते हुए समिति ने कानून का सम्मान करते हुए इस आंदोलन को फिलहाल स्थगित करने का निर्णय लिया है। संघर्ष समिति ने दोटूक शब्दों में कहा कि जैसे ही आचार संहिता समाप्त होगी, क्षेत्र की जनता अपनी मांगों को लेकर मुखर होगी। यदि शासन स्तर पर उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो आगामी विधानसभा चुनावों का पूर्ण बहिष्कार किया जाएगा। इस संबंध में 10 ग्राम सभाओं के प्रधानों और क्षेत्रीय जनता से सहयोग की अपील की गई है। बैठक के दौरान अध्यक्ष शिवराज सिंह ने सरकार द्वारा घोषित शासनादेशों की जानकारी साझा की और बताया कि इस संबंध में की गई अब तक की कार्रवाई से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। बैठक में निर्णय लिए गए कि सभी ग्राम प्रधान अपने-अपने गांवों में बैठक कर जनभावनाओं से अवगत होंगे। समिति ने निर्णय लिया कि बागेश्वर जनपद में शामिल होने पर इस क्षेत्र की तहसील और ब्लॉक बागेश्वर ही रहेगा। पूर्व सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य जवाहर सिंह और महनीगांव के ग्राम प्रधान ने भी आंदोलन को पूर्ण समर्थन देने की बात कही। समिति ने अगली रणनीति तय करने के लिए 22 फरवरी को सुबह 11 बजे पुनः बैठक बुलाई है। बैठक में शिवराज सिंह बनकोटी, जवाहर सिंह बनकोटी, केदार सिंह, राजेन्द्र सिंह मेहता, प्रकाश बनकोटी, ललित सिंह, दीपक सिंह, आनन्द सिंह मेहता, रवीन्द्र सिंह बनकोटी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

