उत्तराखंड के एमबीए छात्र का कानपुर कनेक्शन, किडनी रैकेट की जांच में जुटी स्पेशल पुलिस टीम

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कानपुर/देहरादून। यूपी के कानपुर में अवैध किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने इस मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है बताया जा रहा है कि के कानपुर में 9 लाख में किडनी ख़रीदकर 90 लाख में बेची जाती थी। इस मामले में अब उत्तराखंड कनेक्शन भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि कानपुर के अवैध किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट को उत्तराखंड के छात्र ने भी किडनी बेची थी। पुलिस आयुक्त रघुबीरलाल ने इसे लेकर जानकारी दी. उन्होंने बताया किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। इसमें किडनी बेचेने वाले छात्र का नाम आयुष है। आयुष उत्तराखंड का रहने वाला है। वह एमबीए का छात्र है। पुलिस आयुक्त रघुबीरलाल ने बताया आयुष साइबर एक्सपर्ट भी है। 

मामले का खुलासा करते हुए पुलिस आयुक्त रघुबीरलाल ने बताया कि आयुष को पैसों की जरुरत थी। उन्होंने इसके लिए मेरठ के अफजाल से संपर्क किया. अफजाल पेशे से डॉक्टर है. वह भी किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट से जुड़ा हुआ है। आयुष ने अफजाल से 6 लाख में किडनी देने की बात कही। इसके बाद अफजाल ने आगे संपर्क किया। जहां शिवम से उसकी बात हुई। शिवम ने हूजा अस्पताल से संपर्क करवाया। जिसके बाद आयुष की किडनी ट्रांसप्लांट कराई गई। बताया जा रहा है कि किडनी ट्रांसप्लांट होने के बाद आयुष को बकाया रकम नहीं दी गई। जिसके कारण आयुष ने पुलिस कमिश्नर से मामले की शिकायत की। इस शिकायत के बाद कमिश्नरेट में हड़कंप मच गया। पुलिस ने आनन फानन में मामले की जांच की। जिसके बाद कानपुर में अवैध तरीके से किडनी ट्रांसप्लांट करने वाले रैकेट का भंडाफोड़ हुआ। कानपुर में अवैध तरीके से किडनी ट्रांसप्लांट मामले में अब तक छह आरोपी गिरफ्तार किये जा चुके हैं. आरोपियों में डॉ. सुरजीत सिंह आहूजा, डॉ. प्रीती आहूजा, डॉ. राजेश कुमार, शिवम अग्रवाल, डॉ. राम प्रकाश और डॉ. नरेंद्र सिंह शामिल हैं। मामले में चार मुख्य आरोपी डॉक्टर व स्टाफ अभी भी फरार हैं। गिरफ्तार आरोपी शिवम अग्रवाल से पूछताछ की गई। जिसमें पता चला है कि कानपुर का आहूजा अस्पताल इस मामले में काम करता था। पिछले कुछ महीनों में यहां सात से आठ किडनी ट्रांसप्लांट हुये हैं। बताया जा रहा है कि ये गिरोह 9 लाख में किडनी ख़रीदकर उसे 90 लाख तक में बेचते थे।