देहरादून। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री 'भारत रत्न' स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के पावन अवसर पर उत्तराखंड राज्य सचिवालय में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय परिसर में दोनों महान विभूतियों के चित्रों पर माल्यार्पण कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस दौरान सचिवालय के अन्य उच्चाधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी बापू और शास्त्री जी के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर नमन किया।
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर उत्तराखंड सचिवालय में दोनों महान विभूतियों को श्रद्धापूर्वक याद किया गया। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सचिवालय में महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस दौरान सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी दोनों महापुरुषों को श्रद्धांजलि दी। जयंती के अवसर पर सचिवालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के जीवन, विचारों और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान को स्मरण किया गया। मुख्य सचिव ने दोनों विभूतियों के चित्रों पर माल्यार्पण कर उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया। कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी पुष्प अर्पित कर देश के निर्माण में दोनों महापुरुषों की भूमिका को याद किया। कार्यक्रम का सबसे भावपूर्ण क्षण उस समय आया, जब भातखंडे संगीत महाविद्यालय के कलाकारों ने महात्मा गांधी के प्रिय भजन ‘वैष्णव जन’ का सामूहिक गायन किया। भजन की स्वर लहरियों से सचिवालय परिसर का वातावरण गांधीजी के विचारों और उनके जीवन मूल्यों की स्मृतियों से जुड़ गया। सामूहिक गायन के माध्यम से सत्य, अहिंसा, मानवता और सेवा जैसे मूल्यों को स्मरण किया गया। महात्मा गांधी ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान सत्य और अहिंसा को संघर्ष का आधार बनाया और समाज में आपसी सद्भाव तथा मानवता का संदेश दिया। वहीं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने सादगी, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्र सेवा के आदर्शों को अपने सार्वजनिक जीवन में स्थापित किया। दोनों महापुरुषों का जीवन देशवासियों के लिए आज भी प्रेरणा का स्रोत माना जाता है। जयंती कार्यक्रम में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव नितेश कुमार झा, अपर सचिव विजय कुमार जोगदंडे और नवनीत पांडेय समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान सचिवालय परिसर में दोनों महापुरुषों के प्रति सम्मान और श्रद्धा का भाव दिखाई दिया। अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनके आदर्शों को याद करते हुए राष्ट्र और समाज के प्रति अपने दायित्वों के निर्वहन की भावना को दोहराया। गांधी जयंती और शास्त्री जयंती का यह अवसर केवल दोनों नेताओं के जीवन को याद करने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उनके विचारों और मूल्यों को सार्वजनिक जीवन में अपनाने के संदेश के रूप में भी सामने आया। सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम ने सत्य, सेवा, सादगी और कर्तव्यनिष्ठा जैसे मूल्यों की प्रासंगिकता को रेखांकित किया।

