मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में मुख्य सचिवालय के कैबिनेट हॉल में आयोजित मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक में बिहार के विकास को नई गति देने वाले कई ऐतिहासिक फैसलों पर मुहर लगी है। सरकार ने जनहित, स्वास्थ्य, शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कुल 22 एजेंडों को हरी झंडी दिखाई है। इसमें सबसे प्रमुख फैसला अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान पटना के विस्तार और राज्य के चार प्रमुख शहरों को रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम यानी रैपिड रेल से जोड़ने को लेकर लिया गया है। इन फैसलों से न सिर्फ स्वास्थ्य सुविधाएं विश्वस्तरीय होंगी, बल्कि बिहार के युवाओं के लिए शिक्षा और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
बिहार और आसपास के राज्यों के मरीजों को सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के उद्देश्य से सरकार ने एम्स पटना के विस्तार को मंजूरी दी है। इसके तहत दानापुर के मौजा-भूसौला में 26.76 एकड़ अतिरिक्त भूमि के अधिग्रहण की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। इस पूरी महा-परियोजना पर लगभग ₹348.90 करोड़ की लागत आएगी। इस विस्तार के बाद मरीजों को एक ही परिसर में सभी आधुनिक और वैश्विक स्तर की स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी, जिससे मरीजों को दिल्ली या अन्य राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा। बिहार में परिवहन क्रांति को गति देते हुए कैबिनेट ने राज्य के चार प्रमुख कॉरिडोर में रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के निर्माण के लिए 'अल्टरनेटिव एनालिसिस रिपोर्ट' और 'विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन' तैयार करने की स्वीकृति दी है। इसके लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम को नामित किया गया है। प्रस्तावित योजना के तहत पटना से मुजफ्फरपुर, पटना से बेगूसराय, पटना से आरा और पटना से गया तक हाई-स्पीड रैपिड रेल चलाने की तैयारी है। यह कदम क्षेत्रीय संपर्क को सुदृढ़ बनाने तथा आर्थिक एवं शहरी विकास को नई ऊंचाई देने की दिशा में गेम-चेंजर साबित होगा। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के विस्तार के लिए मधुबनी, मुंगेर और मुजफ्फरपुर जिले में 5-5 एकड़ भूमि केंद्रीय विद्यालय संगठन को मात्र ₹1 के टोकन लीज मूल्य पर 30 वर्षों के लिए उपलब्ध कराई जाएगी। राज्य में मछली उत्पादन और जलीय कृषि अवसंरचना के योजनाबद्ध विकास व संचालन के लिए कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत 'बिहार एक्वाकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड' के गठन को मंजूरी दी गई है। गौरतलब है कि पिछले सप्ताह हुई कैबिनेट की बैठक में भी सम्राट चौधरी की सरकार ने कई ऐतिहासिक फैसले लिए थे, जिन्हें अब धरातल पर उतारा जा रहा है। इनमें नेशनल हाईवे की तर्ज पर स्टेट हाईवे और महत्वपूर्ण पुलों पर टोल टैक्स नीति को लागू करना, राजगीर, पूर्णिया, शेखपुरा, मधेपुरा में केंद्रीय विद्यालय खोलना, और पटना व मुजफ्फरपुर सहित राज्य के 31 बस स्टैंडों को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर अत्याधुनिक बनाना शामिल है। इसके अलावा पटना नगर निगम द्वारा ₹200 करोड़ का बॉन्ड जारी करने और विश्वविद्यालयों में शिक्षकों के खाली पदों को भरने की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है।

