गंगोलीहाट में बीडीसी बैठक का आयोजन, अधिकारियों की अनुपस्थिति पर भड़के जनप्रतिनिधि

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गंगोलीहाट। गंगोलीहाट विकासखंड में बीडीसी की बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों की अनुपस्थिति को लेकर जनप्रतिनिधियों ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया। बैठक की अध्यक्षता क्षेत्र प्रमुख विनोद प्रसाद ने  की, बैठक में क्षेत्रीय विधायक फकीर राम टम्टा, दर्जा राज्य मंत्री नारायण राम आर्य, मुख्य विकास अधिकारी पिथौरागढ़ डॉ. दीपक सैनी, जिला विकास अधिकारी रमा गोस्वामी, जिला शिक्षा अधिकारी  तरुण पंत, जिला पंचायतराज अधिकारी हरीश चंद्र आर्या, अपर जिला चिकित्साधिकारी डॉ. प्रशांत कौशिक, खंड विकास अधिकारी प्रदीप बिष्ट कोतवाल इंसपेक्टर  कैलाश चंद्र जोशी  सहित अनेक विभागों के अधिकारीयों की उपस्थिति रही।बैठक की कार्यवाही और जनसमस्याओं के विवरण को पंजिका में अंकित कर अगली बैठक में उनपर हुए कृत कार्यवाही को सर्वप्रथम सदन में रखने की बात ग्राम प्रधान संगठन के महामंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल ने  रखी। ग्राम प्रधान फ़ुटसिल  हरीश दुर्गापाल एवं प्रधान उप्राडा जतिन वर्मा ने एक प्रताव सदन में रखा जिसमें अग्निशमन विभाग को हाईस्कूल/ आई टी आई भवन में संचालित करने एवं भूमि भवन को अग्निशमन को हस्तांतरित करने की मांग की गई इस प्रस्ताव को सदन ने सर्वसम्मति से पारित किया गया।

बैठक की शुरुआत में ही जल संस्थान, जल निगम, वन विभाग, पीएमजीएसवाई , पीडब्ल्यूडी और स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख अधिकारियों की अनुपस्थिति का मामला गरमा गया। मुख्य विकास अधिकारी डॉ. दीपक सैनी की ओर से अनुपस्थित अधिकारियों का स्पष्टीकरण लेने और वन विभाग के एसडीओ का वेतन रोकने की संस्तुति की गई है। बैठक में पेयजल से जुड़े कई गंभीर मुद्दे उठाए गए। क्षेत्र पंचायत सदस्य पोखरी गणेश  जोशी ने 'पोखरी भैरंग पेयजल योजना' में देरी को लेकर विभाग से पश्न किया इस पर विभाग ने बताया कि 15 ग्राम पंचायतों में 32 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई जानी है, जिसके लिए 1.5 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इसके अलावा, जल जीवन मिशन के तहत कुंतोला और धरमोली गांवों में कनेक्शन न मिलने और योजनाओं की धीमी गति पर भी तीखे सवाल पूछे गए। पशुपालन विभाग की समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई कि चौनाला पशु सेवा केंद्र पिछले ढाई साल से स्टाफ की कमी के कारण बंद पड़ा है। लोक निर्माण विभाग के तहत बुरसुम, डुबौला-रामेश्वर और तल्लीसार मार्गों की बदहाली तथा गड्ढों का मुद्दा भी छाया रहा, जिस पर विभाग ने पैचिंग कार्य करने और डामरीकरण का प्रस्ताव भेजने की बात कही।

स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत सीएचसी गंगोलीहाट में डॉक्टरों की कमी, अल्ट्रासाउंड सेवा के लिए रेडियोलॉजिस्ट की अनुपलब्धता और पीएचसी गणाई गंगोली के जर्जर भवन की समस्या प्रमुखता से उठी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि नए अस्पताल में 30 बेड की सीमा तक बढ़ाई जाएगी और जल्द ही बजट आते ही कार्य शुरू होगा। बैठक में पीएमजीएसवाई  के तहत 'लाखतोली-नायल' मोटर मार्ग पर हाल ही में हुए डामरीकरण के उखड़ने और पाइपलाइनों के क्षतिग्रस्त होने पर भी आक्रोश जताया गया, जिस पर ठेकेदार से मरम्मत कराने का आश्वासन दिया गया। बैठक के अंत में सभी प्रस्तावों को शासन को भेजने और जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए गए। बैठक में चालीस में से 35 क्षेत्र पंचायत सदस्य, कई ग्राम प्रधान, जिला पंचायत सदस्य, ज्येष्ठ प्रमुख रविन्द्र डसीला, कनिष्ठ प्रमुख कविता डोभाल, प्रधान कमल कठायत , दयाल नाथ गोस्वामी, मनोहर सिंह, निशा परगाई, रेखा देवी, पंकज बोरा, संजय बिष्ट सहित कई प्रधान मौजूद रहे। बैठक का संचालन एडीओ पंचायत हेम पाठक ने किया।