देहरादून के मुस्लिम नागरिक समूहों ने गाय का दर्जा बढ़ाकर राष्ट्रीय पशु करने के लिए सरकार से याचिका की

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देहरादून। उत्तराखंड में त्याग, बलिदान और अगाध आस्था का पावन पर्व ईद-उल-अजहा (बकरीद) पूरे राजकीय क्षेत्रों में अत्यंत शांति, उल्लास और कौमी एकता के साथ मनाया गया। हरिद्वार, देहरादून और नैनीताल समेत तमाम जिलों की ईदगाहों और मस्जिदों में भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच नमाज मुकम्मल हुई, जहाँ मुल्क में अमन-चैन, खुशहाली और आपसी भाईचारे के लिए हजारों हाथ दुआ में उठे। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर मुबारकबाद दी। इस मुबारक मौके पर सूबे की सियासत और सामाजिक गलियारों में उस वक्त एक बड़ा और सकारात्मक संदेश गया, जब हरिद्वार और देहरादून दोनों ही जगहों से मुस्लिम समाज और उलेमाओं ने 'गाय को राष्ट्रीय पशु (कौमी जानवर)' घोषित करने की पुरजोर मांग उठाई। 'गाय पर राजनीति और विवाद हमेशा के लिए खत्म हो। ज्वालापुर (हरिद्वार) स्थित प्रसिद्ध मदरसा दारुल उलूम रशीदिया में हजारों अकीदतमंदों ने सामूहिक रूप से नमाज अदा की। नमाज के बाद मदरसे के प्रबंधक मौलाना मोहम्मद आरिफ ने प्रख्यात इस्लामी धर्मगुरु मौलाना अरशद मदनी के हालिया बयान का पुरजोर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को अविलंब गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करना चाहिए और इस पर एक सख्त कानून बनाना चाहिए।

मौलाना आरिफ ने मांग की कि गाय के साथ क्रूरता करने वालों और उसे अवैध रूप से बेचने वालों को कड़ा मुजरिम मानकर सख्त दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान होना चाहिए। उन्होंने तर्क दिया,यदि गाय को 'कौमी जानवर' का दर्जा मिल जाता है, तो देश में गाय के नाम पर होने वाला आपसी विवाद, मॉब लिंचिंग और सांप्रदायिक तनाव हमेशा के लिए समाप्त हो जाएगा। जब बहुसंख्यक समाज की इसमें आस्था है, तो मुसलमानों को इसे राष्ट्रीय पशु मानने में कोई आपत्ति नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने मुस्लिम समाज से अपील की कि कहीं पर भी नियमों के विरुद्ध या खुले में कुर्बानी न दी जाए, जिससे समाज का सौहार्द प्रभावित हो। राजधानी देहरादून में भी बकरीद का पर्व बेहद शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। यहाँ चकराता रोड स्थित मुख्य ईदगाह में नमाज अदा करने के बाद 'मुस्लिम सेवा संगठन' के बैनर तले पदाधिकारियों ने अनोखा प्रदर्शन किया। संगठन के लोग हाथों में मांग संबंधी तख्तियां (प्लेकार्ड्स) लेकर खड़े हो गए। संगठन के उपाध्यक्ष आकिब कुरैशी ने सरकार को घेरते हुए कहा कि लंबे समय से गाय के नाम पर केवल राजनीतिक रोटियां सेकी जा रही हैं और इसकी आड़ में मुस्लिम समाज को निशाना बनाया जाता है। कुरैशी ने दोटूक कहा, "अगर गाय वास्तव में आस्था का विषय है, तो केवल चुनावों में इसका फायदा उठाने के बजाय सरकार को इसे राष्ट्रीय पशु घोषित कर राजनीति पर पूर्णविराम लगाना चाहिए। पर्वतीय क्षेत्र नैनीताल में इस बार बकरीद की नमाज का विशेष नजारा देखने को मिला। माननीय हाईकोर्ट के दिशा-निर्देशों के बाद जिला व पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहा। यहाँ के प्रसिद्ध डीएसए खेल मैदान में भारी सुरक्षा के बीच सामूहिक नमाज का आयोजन हुआ, जहां शहर और आस-पास के पहाड़ों से आए सैकड़ों नमाजियों ने हिस्सा लिया। मौलाना मुफ्ती सैयद ने सभी को देश में सुख-समृद्धि बनाए रखने और सौहार्द का संदेश दिया। त्योहार के मद्देनजर पूरे राज्य में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम रहे। हरिद्वार के एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। संवेदनशील इलाकों में खुद कप्तान ने गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस बार सड़कों पर नमाज न पढ़ने और शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए पुलिस ने पहले ही विभिन्न थानों में शांति समितियों (पीस कमेटी) की बैठकें कर ली थीं, जिसका असर धरातल पर दिखा और पूरा उत्सव शांतिपूर्वक संपन्न हुआ।