पटना। बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (बीपीएसएससी) की हवलदार अनुदेशक भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले में आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू ) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान आरोपियों के मोबाइल फोन से पेपर लीक और परीक्षा में अनुचित साधनों के इस्तेमाल से जुड़े कई अहम डिजिटल सबूत बरामद हुए हैं। मामले में अन्य संदिग्धों की तलाश भी तेज कर दी गई है। यह मामला आर्थिक अपराध थाना कांड संख्या-16/2026 से जुड़ा है, जिसमें बिहार लोक परीक्षा अनुचित साधन निवारण अधिनियम-2024 की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच में पटना के विक्रम निवासी राज समदर्शी उर्फ राजा (25), वैशाली के अभिषेक कुमार (21) और परीक्षा केंद्र पर तैनात बायोमीट्रिक सुपरवाइजर नितेश कुमार (28) को गिरफ्तार किया गया। तीनों को 31 जुलाई को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, हाजीपुर के एक परीक्षा केंद्र से हिरासत में लिए गए मुख्य आरोपी राज समदर्शी ने पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने बताया कि परीक्षा के प्रश्नों के सही उत्तर उसे परीक्षा के दौरान गुप्त तरीके से उपलब्ध कराए जाने थे। इस पूरे नेटवर्क में बायोमीट्रिक सुपरवाइजर नितेश की अहम भूमिका सामने आई है, जिसके जरिए उत्तर परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने की साजिश रची गई थी। ईओयू ने आरोपियों के मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों की जांच में कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं। अब एजेंसी इस बात की पड़ताल कर रही है कि पेपर लीक का नेटवर्क कितना बड़ा है और इसमें किन-किन लोगों की संलिप्तता रही। पुलिस का कहना है कि भर्ती परीक्षा की निष्पक्षता से समझौता करने वाले पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जाएगा। जांच लगातार जारी है और जल्द ही इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।

