पटना में अवैध कब्जों पर चलेगा प्रशासन का 'महा-बुलडोजर'; नए डीएम का फरमान-1 जुलाई से 9 टीमें संभालेंगी कमान

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पटना शहर को सुगम, सुरक्षित और पूरी तरह जाम-मुक्त बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक बेहद आक्रामक और निर्णायक कदम उठाया है। नए जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने मंगलवार को नगर आयुक्त यशपाल मीणा एवं अन्य आला अधिकारियों के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग की, जिसमें अतिक्रमण-उन्मूलन अभियान की विस्तृत समीक्षा की गई। डीएम ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि शहर में अवैध कब्जे को लेकर प्रशासन 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर काम करेगा। इस अभियान में किसी भी स्तर पर शिथिलता, लापरवाही या अनियमितता बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सीधे अनुशासनात्मक और विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

जनहित और यातायात को सुचारू बनाने के उद्देश्य से पूरे पटना शहर में आगामी 1 जुलाई से लेकर 31 जुलाई 2026 तक एक महीने का विशेष महा-अभियान चलाया जाएगा। इस मल्टी-एजेंसी टास्क फोर्स को प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारने के लिए 9 विशेष टीमों का गठन किया गया है। यह महा-अभियान पटना नगर निगम के सभी छह प्रमुख अंचलों नूतन राजधानी, पाटलिपुत्र, कंकड़बाग, बांकीपुर, अजीमाबाद और पटना सिटी में एक साथ एक्टिव होगा। इसके अलावा, नगर निगम क्षेत्र से सटे खगौल, फुलवारीशरीफ और दानापुर नगर परिषद क्षेत्रों को भी इस अभियान के दायरे में रखा गया है। डीएम ने सख्त निर्देश दिया है कि जिन वीआईपी और व्यस्त रूटों जैसे—नेहरू पथ, जेपी गंगापथ, हवाई अड्डा रोड, अशोक राजपथ, दीघा-आशियाना रोड, गांधी मैदान, सगुना मोड़-दानापुर रेलवे स्टेशन रोड, चितकोहरा और प्रमुख अस्पतालों के आसपास से अतिक्रमण हटाया जाएगा, वहाँ दोबारा कब्जा हर हाल में रोका जाए। इस बार का अभियान केवल बुलडोजर चलाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग किया जाएगा। पटना स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत शहर के 415 संवेदनशील स्थानों पर लगे 3,300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के जरिए सीधे मॉनिटरिंग की जाएगी। डीएम ने निर्देश दिए हैं कि जहां से भी अवैध कब्जा हटाया जाएगा, वहां खाली जमीन को दोबारा सुरक्षित करने के लिए बोलार्ड लगाकर बैरिकेडिंग की जाएगी। उन खाली जगहों पर ग्रीन पार्क, बैडमिंटन कोर्ट और रिक्रिएशन जोन (मनोरंजन क्षेत्र) जैसी जनसुविधाएं विकसित की जाएंगी ताकि कोई दोबारा दुकान न लगा सके। आदतन अतिक्रमण करने वालों और सरकारी काम में बाधा डालने वालों के खिलाफ सीधे प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर उनका सामान जब्त किया जाएगा और भारी आर्थिक दंड लगाया जाएगा। राज्य सरकार के मूल मंत्र 'सबका सम्मान-जीवन आसान' के तहत फुटपाथ दुकानदारों की रोजी-रोटी का भी ख्याल रखा गया है। नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने बताया कि पटना नगर निगम क्षेत्र में 32 आधुनिक वेंडिंग जोन प्रस्तावित हैं, जिन पर काम तेजी से चल रहा है। डीएम ने निर्देश दिया है कि सड़कों को जाम करने वाले अव्यवस्थित वेंडरों से टकराव करने के बजाय उन्हें आपसी समन्वय से इन वेंडिंग जोन में व्यवस्थित तरीके से स्थानांतरित किया जाए, ताकि शहर सुंदर दिखे और गरीबों का रोजगार भी बचा रहे।