बांकीपुर उपचुनाव का शंखनाद: 30 जुलाई को वोटिंग, 3 अगस्त को आएंगे नतीजे; नितिन नबीन के इस्तीफे से खाली हुई है सीट

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पटना। बिहार की राजधानी पटना की सबसे चर्चित सीटों में से एक बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर चुनाव आयोग ने तारीखों का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, बांकीपुर सीट पर आगामी 30 जुलाई को मतदान होगा, जहां क्षेत्र के लाखों मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इसके बाद, 3 अगस्त को मतगणना के साथ ही चुनावी नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे। इस घोषणा के साथ ही पटना की राजनीति में एक बार फिर सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है। गुरुवार को चुनाव आयोग ने देश के तीन राज्यों की तीन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की घोषणा की, जिसमें बिहार की बांकीपुर सीट भी शामिल है। आयोग के अनुसार, इस उपचुनाव के लिए 6 जुलाई को आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के साथ ही नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

चुनाव आयोग द्वारा तय समय-सारणी के मुताबिक, बांकीपुर उपचुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि 13 जुलाई निर्धारित की गई है। इसके अगले दिन यानी 14 जुलाई को नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी (जांच) की जाएगी। उम्मीदवार 16 जुलाई तक अपना नाम वापस ले सकेंगे। इसके बाद 30 जुलाई को सुबह से ही मतदान की प्रक्रिया शुरू होगी। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह उपचुनाव 30 सितंबर 2025 को जारी की गई अंतिम मतदाता सूची के आधार पर संपन्न कराया जाएगा। बांकीपुर विधानसभा सीट का खाली होना और इस पर उपचुनाव की नौबत आना बेहद दिलचस्प राजनैतिक घटनाक्रम का हिस्सा है। दरअसल, वर्ष 2025 के मुख्य विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कद्दावर नेता नितिन नबीन ने इस सीट से बंपर वोटों से ऐतिहासिक जीत हासिल की थी और वे बिहार सरकार में मंत्री भी बने। इसके बाद राष्ट्रीय राजनीति में बड़ा बदलाव हुआ और भाजपा ने नितिन नबीन को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त कर दिया। 'एक व्यक्ति, एक पद' के सिद्धांत के तहत नितिन नबीन ने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया। बाद में भाजपा ने उन्हें राज्यसभा सांसद बनाकर केंद्र की राजनीति में भेज दिया। नितिन नबीन के इस्तीफे के बाद खाली हुई इस पारंपरिक गढ़ वाली सीट पर भाजपा इस बार किसे अपना उम्मीदवार बनाएगी, इसको लेकर अभी तक पार्टी ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं, हालांकि कई दिग्गजों के नाम रेस में चल रहे हैं। भाजपा का गढ़ माने जाने वाली इस सीट पर इस बार मुकाबला बेहद कड़ा और दिलचस्प होने की उम्मीद है। 'जन सुराज' ने इस सीट पर पूरी ताकत से चुनाव लड़ने का एलान कर दिया है। सियासी गलियारों में चर्चा है कि खुद प्रशांत किशोर यहां से भाग्य आजमा सकते हैं। प्रशांत किशोर ने भी इस बात को हवा देते हुए कहा है कि अगर पार्टी चाहेगी तो वे चुनावी मैदान में उतरने से पीछे नहीं हटेंगे। यदि प्रशांत किशोर खुद मैदान में आते हैं, तो यह सीट वीवीआईपी से भी ऊपर 'हॉट सीट' बन जाएगी। दूसरी तरफ, लालू प्रसाद यादव के बड़े लाल तेज प्रताप यादव की पार्टी 'जनशक्ति जनता दल' ने भी इस उपचुनाव में अपनी मजबूत दावेदारी ठोकने का मन बना लिया है। पटना की जानी-मानी महिला समाजसेवी वीणा मानवी हाल ही में तेज प्रताप की पार्टी में शामिल हुई हैं और पुख्ता खबर है कि पार्टी उन्हें बांकीपुर के चुनावी दंगल में उतारने जा रही है। तारीखों के इस एलान के बाद पटना का सियासी पारा सातवें आसमान पर है। अब देखना यह होगा कि क्या भाजपा अपने इस मजबूत दुर्ग को बचाए रखने में कामयाब होती है या जन सुराज और जनशक्ति जनता दल जैसी नई ताकतें यहां कोई बड़ा उलटफेर करने में सफल रहती हैं।