गंगोलीहाटः सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 9 विशेषज्ञ पद खाली! बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था पर फूटा व्यापारियों का गुस्सा, दी उग्र आंदोलन की चेतावनी

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गंगोलीहाट। गंगोलीहाट क्षेत्र में चरमराई स्वास्थ्य व्यवस्था और चिकित्सकों की भारी कमी को लेकर स्थानीय व्यापारियों और जनता में गहरा रोष है। नगर उद्योग व्यापार मंडल ने क्षेत्र की इस ज्वलंत समस्या को लेकर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री को एक पत्र भेजकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में खाली पड़े विशेषज्ञ डॉक्टरों के पदों को तत्काल भरने की मांग की है। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने उपजिलाधिकारी के माध्यम से भेजे गए ज्ञापन में कहा है कि गंगोलीहाट क्षेत्र की लगभग एक लाख की आबादी पूरी तरह से इसी एकमात्र सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर निर्भर है। लेकिन वर्तमान में यहाँ डॉक्टरों का अकाल पड़ा हुआ है, जिससे क्षेत्र की चिकित्सा व्यवस्था पूरी तरह से बदहाल हो चुकी है। मामूली बीमारियों के लिए भी मरीजों को जिला अस्पताल या उच्च संस्थानों की ओर रुख करना पड़ रहा है, जिससे गरीब जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है और समय पर उपचार न मिलने से जान का जोखिम भी बना रहता है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि गंगोलीहाट स्वास्थ्य केंद्र में कुल नौ विशेषज्ञ डॉक्टरों के पद स्वीकृत हैं, लेकिन ये पद लंबे समय से खाली चल रहे हैं। व्यापार मंडल ने सार्वजनिक हित में स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ, फिजिशियन, चिकित्साधिकारी, महिला चिकित्साधिकारी, योग्य एवं अनुभवी नर्सिंग ऑफिसर और रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति की मांग की है। व्यापार मंडल के अध्यक्ष हितेश खाती, जिला मंत्री प्रदीप पंत, उपाध्यक्ष जगदीश बोरा और सचिव मनीष बिष्ट, संरक्षक किशन उप्रेती, संरक्षक किशन भंडारी, किशन पाठक पाटिल सहित अन्य पदाधिकारियों ने शासन को चेताया है कि हाल ही में पिथौरागढ़ जिले को दो दर्जन से अधिक नए डॉक्टर मिले हैं, ऐसे में गंगोलीहाट की उपेक्षा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने मांग की है कि प्राथमिकता के आधार पर गंगोलीहाट में विशेषज्ञों की तैनाती की जाए। व्यापारियों और क्षेत्रीय जनता ने दो टूक शब्दों में कहा है कि यदि जल्द ही डॉक्टरों की नियुक्ति नहीं की गई, तो वे स्वास्थ्य जैसे बुनियादी मुद्दे को लेकर उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इस दौरान कोषाध्यक्ष पुष्कर खाती सहित व्यापार मंडल के अनेक सदस्य और स्थानीय निवासी उपस्थित रहे।