औली में बर्फीले खेलों का उत्सव बनेगा नेशनल विंटर गेम्स 2026

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देहरादून। उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध स्कीइंग डेस्टिनेशन औली में 13 फरवरी से नेशनल विंटर गेम्स की शुरुआत होने जा रही है। चार साल के लंबे इंतजार और इस बार हुई भरपूर बर्फबारी के बाद यह प्रतिष्ठित आयोजन फिर से आयोजित हो रहा है। शुक्रवार सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी औली में आयोजित उद्घाटन समारोह में शिरकत कर खेलों का औपचारिक शुभारंभ करेंगे।खिलाड़ियों के औली पहुंचने का सिलसिला शुरू हो चुका है। गुरुवार को प्रतिभागियों का आगमन जारी रहेगा और उनका पंजीकरण शुक्रवार सुबह 8 बजे तक किया जाएगा। उद्घाटन समारोह से पहले सुबह ज्वाइंट स्लालम रेस आयोजित किए जाने की तैयारी है, हालांकि इस पर अंतिम निर्णय तकनीकी समिति की बैठक में लिया जाएगा। 16 फरवरी तक चलने वाले इस राष्ट्रीय स्तर के आयोजन में एल्पाइन स्कीइंग, स्नोबोर्डिंग, स्नो माउंटेनिंग, स्नो शू रेस और औली मैराथन जैसे रोमांचक इवेंट शामिल हैं। इसके साथ ही कार्निवल और विभिन्न मनोरंजक गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों को भी बर्फीले उत्सव का आनंद लेने का अवसर मिलेगा। स्थानीय प्रतिभागियों के लिए स्नो रेस जैसे विशेष कार्यक्रम भी रखे गए हैं।

पिछले चार वर्षों से औली में पर्याप्त बर्फबारी न होने के कारण नेशनल विंटर गेम्स का आयोजन संभव नहीं हो पाया था। इस बार हुई अच्छी बर्फबारी ने खिलाड़ियों और आयोजकों दोनों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है। जम्मू-कश्मीर सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए स्की खिलाड़ियों ने उत्साह जताते हुए कहा कि 2022 के बाद दोबारा औली की वादियों में खेलना उनके लिए खास अनुभव है। समुद्र तल से लगभग 8,200 फीट की ऊंचाई पर स्थित औली को भारत की ‘स्कीइंग कैपिटल’ भी कहा जाता है। यहां की प्राकृतिक ढलानें और हिमाच्छादित पर्वत शृंखलाएं इसे विंटर स्पोर्ट्स के लिए आदर्श बनाती हैं। औली तक पहुंचना भी अपेक्षाकृत आसान है। गढ़वाल मंडल की ओर से जौलीग्रांट एयरपोर्ट या ऋषिकेश रेलवे स्टेशन से सड़क मार्ग द्वारा जोशीमठ पहुंचा जा सकता है। वहीं कुमाऊं क्षेत्र से पंतनगर एयरपोर्ट या हल्द्वानी, काठगोदाम और रामनगर से भी जोशीमठ के लिए बस और टैक्सी सेवाएं उपलब्ध हैं। जोशीमठ से औली मात्र 10 किलोमीटर दूर है, जहां सड़क मार्ग के साथ प्रसिद्ध रोपवे की सुविधा भी पर्यटकों को आकर्षित करती है। नेशनल विंटर गेम्स के आयोजन से न केवल खेल प्रतिभाओं को मंच मिलेगा, बल्कि राज्य में शीतकालीन पर्यटन को भी नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।