नालंदा में रफ्तार का कहर: नशे में धुत ई-रिक्शा चालक ने युवक को रौंदा,मौत,3 मासूम बच्चों के सिर से उठा पिता का साया

Blog
 Image

नालंदा। बिहार के नालंदा जिले के हरनौत थाना क्षेत्र से एक बेहद हृदयविदारक सड़क हादसे की खबर आई है। बख्तियारपुर-रजौली फोरलेन पर एक तेज रफ्तार और अनियंत्रित ई-रिक्शा ने घर के बाहर खड़े एक युवक को ऐसी जोरदार टक्कर मारी कि उसकी जान चली गई। इस हादसे के बाद मृतक के परिजनों में चीख-पुकार मची है, वहीं पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों की भारी भीड़ मौके पर जमा हो गई। यह दर्दनाक हादसा हरनौत नगर पंचायत के वार्ड संख्या 6 स्थित डिहरीगढ़ गांव के समीप घटित हुआ। मृतक की पहचान डिहरीगढ़ निवासी प्रेम महतो के 37 वर्षीय पुत्र नीतीश कुमार के रूप में की गई है। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि नीतीश कुमार रोज की तरह अपने घर के पास सड़क किनारे खड़े थे। इसी दौरान बख्तियारपुर की ओर से हरनौत बाजार की तरफ जा रहे एक तेज रफ्तार ई-रिक्शा के चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया और नीतीश को सीधी टक्कर मार दी।

टक्कर इतनी भीषण थी कि नीतीश हवा में उछलते हुए कई फीट दूर जा गिरे और उनके सिर व शरीर पर गंभीर चोटें आईं। खून से लथपथ नीतीश को स्थानीय लोगों ने आनन-फानन में उठाकर कल्याणबीघा रेफरल अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, किस्मत को कुछ और ही मंजूर था; अस्पताल में प्राथमिक उपचार और डॉक्टरों के अथक प्रयासों के बावजूद नीतीश कुमार ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलते ही हरनौत थानाध्यक्ष मुकेश कुमार वर्मा पुलिस बल के साथ तुरंत हरकत में आए। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए दुर्घटनाग्रस्त ई-रिक्शा को जब्त कर लिया और भाग रहे आरोपी चालक को भी दबोच लिया। थानाध्यक्ष ने बताया कि गिरफ्तार चालक हरनौत बाजार के श्रीचंदपुर मोहल्ले का रहने वाला है। प्रारंभिक मेडिकल जांच में ई-रिक्शा चालक के नशे की हालत में होने की बात सामने आई है। नशे में धुत होकर लापरवाही से वाहन चलाना ही इस हादसे का मुख्य कारण बना। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बिहार शरीफ सदर अस्पताल भेज दिया है। परिजनों की ओर से लिखित आवेदन मिलते ही आरोपी चालक के खिलाफ सख्त धाराओं में एफआईआर दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नीतीश कुमार अपने दो भाइयों में सबसे बड़े थे और पूरे परिवार की जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी। उनकी असामयिक मौत से हंसता-खेलता परिवार पूरी तरह बिखर गया है। वे अपने पीछे बूढ़े माता-पिता, रोती-बिलखती पत्नी और तीन छोटे-छोटे मासूम बच्चों को छोड़ गए हैं, जिन्हें अब तक यह अहसास भी नहीं है कि उनके पिता अब इस दुनिया में नहीं रहे। घटना की जानकारी मिलते ही नगर पंचायत क्षेत्र के मुख्य पार्षद प्रतिनिधि धीरज कुमार उर्फ पल्लू सिंह भी पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने डिहरीगढ़ गांव पहुंचे। उन्होंने इस दुखद घड़ी में अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की और पीड़ित परिवार को सरकारी प्रावधानों के तहत हरसंभव आर्थिक सहायता व मुआवजा दिलाने का पूरा भरोसा दिया। इस हादसे ने एक बार फिर फोरलेन पर अनियंत्रित हल्के वाहनों की रफ्तार और शराबबंदी के बावजूद नशे में वाहन चलाने वालों पर प्रशासनिक चौकसी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।