नीम करौली बाबा कैंची धाम आश्रम के पास ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए युद्ध स्तर पर काम कर रहा उत्तराखंड प्रशासन

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नैनीताल दौरे पर पहुंचे उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने जनपद की महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कैंची धाम क्षेत्र में लगने वाले जाम की समस्या के स्थायी समाधान के लिए निर्माणाधीन भवाली बाईपास और भवाली-रातिघाट बाईपास कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भवाली-रातिघाट बाईपास का कार्य तेजी से पूरा किया जाए, ताकि पर्यटन सीजन से पहले यातायात सुचारू किया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि जून माह से पूर्व इस मार्ग को हर हाल में चालू किया जाए। जब तक स्थायी पुल का निर्माण नहीं हो जाता, तब तक अस्थायी वैली ब्रिज स्थापित कर यातायात बहाल करने के निर्देश भी दिए गए।

मुख्य सचिव ने नैनीताल की अन्य परियोजनाओं का भी निरीक्षण किया, जिसमें मालरोड पर भू-धंसाव रोकने के लिए किए जा रहे सुरक्षात्मक कार्य शामिल हैं। उन्होंने कहा कि कैंची धाम में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, ऐसे में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि नीम करौली बाबा के दर्शन के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां आते हैं, जिससे अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है। बाईपास बनने के बाद इस समस्या से काफी हद तक राहत मिलेगी और पहाड़ी जिलों की ओर जाने वाले वाहनों के लिए भी यह एक वैकल्पिक मार्ग साबित होगा। लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता पी.एस. बृजवाल ने बताया कि भवाली से सेनेटोरियम होते हुए रातिघाट तक 18.15 किलोमीटर लंबे बाईपास में से करीब 8 किलोमीटर मार्ग का निर्माण पूरा कर लिया गया है, जहां यातायात सुचारू है। शेष 10.15 किलोमीटर हिस्से में कटिंग और सुरक्षात्मक कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। इसके अलावा, मुख्य सचिव ने शिप्रा नदी पर बनाए गए 30 मीटर स्पान के डबल लेन मोटर पुल और भवाली-अल्मोड़ा मार्ग को जोड़ने वाली बाईपास सड़क का भी निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पूरे किए जाएं, ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधा मिल सके।