देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने राज्य के शहरी निकायों की कार्यप्रणाली को सुचारू बनाने और स्थानीय स्तर पर बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने छठे राज्य वित्त आयोग की संस्तुतियों की प्रत्याशा में, पंचम राज्य वित्त आयोग के आवंटन के आधार पर शहरी स्थानीय निकायों को वित्तीय वर्ष 2026-27 की तृतीय किस्त (अक्टूबर से दिसंबर 2026) के रूप में ₹328 करोड़ 27 लाख 80 हजार की धनराशि अवमुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
उत्तराखंड में शहरी स्थानीय निकायों को विकास कार्यों और आवश्यक सेवाओं के संचालन के लिए आर्थिक सहायता देने की दिशा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की तीसरी किस्त के रूप में शहरी स्थानीय निकायों के लिए ₹328 करोड़ 27 लाख 80 हजार की धनराशि अवमुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह राशि अक्टूबर से दिसंबर 2026 की अवधि के लिए स्वीकृत की गई है। यह धनराशि छठे राज्य वित्त आयोग की संस्तुतियों की प्रत्याशा में पंचम राज्य वित्त आयोग के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में आवंटित राशि के आधार पर मंजूर की गई है। इस निर्णय से प्रदेश के शहरी निकायों को वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने और स्थानीय स्तर पर विकास संबंधी कार्यों को गति देने में सहायता मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की दूसरी छमाही यानी अक्टूबर 2026 से मार्च 2027 के लिए तीन गैर-निर्वाचित निकायों को कुल ₹3 करोड़ की धनराशि जारी करने की भी स्वीकृति प्रदान की है। इस निर्णय का उद्देश्य संबंधित निकायों को आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपनी जिम्मेदारियों के निर्वहन और स्थानीय आवश्यकताओं से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ा सकें। शहरी निकायों को समय पर धनराशि उपलब्ध होना महत्वपूर्ण है, क्योंकि स्थानीय स्तर पर बुनियादी सुविधाओं और नागरिक सेवाओं के संचालन में उनकी प्रमुख भूमिका होती है। हालांकि, इस राशि का वास्तविक लाभ निकायों की ओर से धन के प्रभावी उपयोग और विकास कार्यों के क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा। शहरी निकायों के लिए वित्तीय सहायता के साथ मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्र में सड़क संपर्क बेहतर बनाने से जुड़ा निर्णय भी लिया है। पिथौरागढ़ जिले के डीडीहाट विधानसभा क्षेत्र की कुणिया ग्रामसभा में तपड़ी घाट से गोलमानू प्राथमिक विद्यालय तक सीसी मार्ग के निर्माण के लिए ₹72.63 लाख की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। यह कार्य मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत स्वीकृत किया गया है। निर्माण के लिए 60 प्रतिशत की दर से ₹43.578 लाख की पहली किस्त भी मंजूर कर शासनादेश जारी कर दिया गया है। शहरी निकायों को करोड़ों रुपये की सहायता और ग्रामीण क्षेत्र में सड़क निर्माण की मंजूरी से सरकार की ओर से स्थानीय विकास कार्यों को वित्तीय समर्थन देने का संकेत मिलता है। शहरी क्षेत्रों में निकायों की आवश्यकताओं के अनुरूप धन का उपयोग और ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क का विस्तार नागरिकों की सुविधाओं से सीधे जुड़ा है। अब महत्वपूर्ण होगा कि स्वीकृत धनराशि का समयबद्ध उपयोग किया जाए और कुणिया में सीसी मार्ग का निर्माण निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरा हो। इससे स्थानीय लोगों को आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है।

