पटना। बिहार की राजनीति और विधान परिषद (उच्च सदन) के लिए बुधवार का दिन बेहद ऐतिहासिक रहा। एक विशेष और भव्य समारोह के बीच नवनिर्वाचित सभी 10 नए एमएलसी सदस्यों ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने नए सदस्यों को बारी-बारी से शपथ दिलाई। इस गौरवमयी अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सहित सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे, जिन्होंने नए सदस्यों का सदन में स्वागत किया।
समारोह में शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (ट्विटर) पर नवनिर्वाचित सदस्यों के साथ तस्वीरें साझा करते हुए बधाई दी। उन्होंने लिखा, "आज बिहार विधान परिषद् के नव-निर्वाचित माननीय सदस्यगण के शपथ ग्रहण समारोह में सम्मिलित होकर उन्हें हार्दिक बधाई एवं यशस्वी कार्यकाल की अग्रिम शुभकामनाएं दीं। मुझे पूरा विश्वास है कि आप सभी अपने अनुभव, प्रतिबद्धता और सकारात्मक योगदान से राज्य के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। बिहार के सियासी गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के शपथ ग्रहण की रही। नीतीश कुमार के सीएम पद से इस्तीफा देने के बाद सम्राट सरकार में कैबिनेट मंत्री (स्वास्थ्य मंत्री) बने निशांत कुमार ने सदस्य के रूप में शपथ लेने के बाद अपने इरादे साफ कर दिए। मीडिया से बातचीत में निशांत कुमार ने कहा, "मुझे पिताजी (नीतीश कुमार) के सपने को पूरा करना है। उन्होंने पिछले 20 वर्षों तक सत्ता में रहकर जो विकास कार्य किए हैं, उसे हमें और आगे ले जाना है। स्वास्थ्य मंत्री के रूप में मेरा लक्ष्य विभाग की तमाम खामियों को दूर करना है ताकि बिहार की आम जनता को सुलभ और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। मंत्री बनने के बाद निशांत कुमार हाल ही में पटना पीएमसीएच का औचक निरीक्षण करने पहुंचे थे। वहां अस्पताल के प्रिंसिपल नागेंद्र कुमार सिंह के ड्यूटी से गायब मिलने पर उन्होंने तुरंत जांच बिठाई, जिसके बाद प्रिंसिपल को पद से हटा दिया गया। इस त्वरित कार्रवाई की जनता ने खूब सराहना की थी। भोजपुरी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता और गायक पवन सिंह भी पहली बार उच्च सदन के सदस्य बनकर विधान परिषद पहुंचे हैं। शपथ लेने के बाद अपने चिर-परिचित अंदाज में 'जय बिहार, जय भोजपुरिया' का नारा लगाते हुए पवन सिंह ने कहा कि अब उनके सिर पर एक बड़ी जिम्मेदारी है। पवन सिंह ने अपनी प्राथमिकताएं बताते हुए कहा, "सदन के भीतर कला और संस्कृति के क्षेत्र में काम करना ही मेरा मुख्य उद्देश्य है। आज बिहार और भोजपुरी माटी के जो भी युवा कला के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाना चाहते हैं, उन्हें भटकना न पड़े। उन्हें एक सही और बड़ा प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराना अब मेरी जिम्मेदारी है। मैं इसके लिए हर संभव प्रयास करूंगा ताकि हमारे राज्य के युवा पूरी दुनिया में बिहार का नाम रोशन कर सकें। सदन में इन 10 नए और ऊर्जावान चेहरों की एंट्री के बाद यह उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में बिहार के विकास, स्वास्थ्य और सांस्कृतिक उत्थान को एक नई गति मिलेगी।

