फरीदाबाद शिक्षिका हत्याकांड: पुलिस कर रही साजिश और मकसद की जांच

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फरीदाबाद। हरियाणा के फरीदाबाद जिले में सोमवार को एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया। बल्लभगढ़ क्षेत्र के सिकरौना गांव स्थित एक निजी स्कूल में दिनदहाड़े घुसकर एक युवक ने महिला शिक्षिका की चाकू से हमला कर हत्या कर दी। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह वारदात अचानक नहीं, बल्कि करीब दो महीने से रची जा रही एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी। आरोपी ने महज 32 सेकेंड के भीतर शिक्षिका पर 34 बार चाकू से हमला किया और मौके से फरार हो गया। बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। मृतका की पहचान संध्या के रूप में हुई है, जो डबुआ, बल्लभगढ़ की रहने वाली थीं और वर्तमान में अपने पति व बच्चों के साथ फिरोजपुर कला में रह रही थीं। वह सिकरौना स्थित सरस्वती सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शिक्षिका के पद पर कार्यरत थीं। सोमवार सुबह वह रोज की तरह स्कूल पहुंची थीं, तभी आरोपी अमित मुंह पर कपड़ा बांधकर स्कूल पहुंचा और शिक्षिका से मिलने की बात कही। स्कूल स्टाफ द्वारा सूचना मिलने पर जैसे ही संध्या मुख्य गेट पर पहुंचीं, आरोपी ने उन पर ताबड़तोड़ चाकू से हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार संध्या ने बचने की पूरी कोशिश की और मदद के लिए चीखती रहीं, लेकिन आरोपी लगातार हमला करता रहा। बीच-बचाव करने पहुंचे स्कूल संचालक को भी आरोपी ने चाकू दिखाकर धमका दिया। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें आरोपी शिक्षिका पर लगातार हमला करता दिखाई दे रहा है। वारदात के बाद पूरे स्कूल परिसर में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया।

पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी अमित के खिलाफ कुछ समय पहले शिक्षिका ने छेड़छाड़ की शिकायत दर्ज कराई थी। उस समय आरोपी ने सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली थी, लेकिन इसके बाद वह शिक्षिका से रंजिश रखने लगा। जांच में यह भी सामने आया कि उसने करीब दो महीने पहले ही एक स्थानीय कारीगर से चाकू खरीदा था और लगातार शिक्षिका की गतिविधियों पर नजर रख रहा था। चूंकि शिक्षिका का पति रोज उन्हें स्कूल छोड़ने और लेने आता था, इसलिए उसे वारदात का मौका नहीं मिल पा रहा था। सोमवार को जैसे ही उसे अवसर मिला, उसने अपनी योजना को अंजाम दे दिया। पुलिस के अनुसार संध्या और अमित की पहचान उस समय हुई थी, जब संध्या पहले एक अन्य स्कूल में पढ़ाती थीं। जांच में यह भी सामने आया कि दोनों एक बार साथ बाहर गए थे, लेकिन बाद में संध्या ने उससे सभी संबंध समाप्त कर दिए और अपने परिवार के साथ रहने लगीं। इसके बावजूद आरोपी लगातार उन पर अपने साथ रहने का दबाव बनाता रहा। परिवार का आरोप है कि आरोपी ने कई बार उनके पति को जान से मारने की धमकी भी दी थी। लगातार मिल रही धमकियों के कारण संध्या ने मोबाइल फोन रखना तक छोड़ दिया था और भय के माहौल में जीवन जी रही थीं। पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सकों के अनुसार संध्या के शरीर पर इतने अधिक घाव थे कि उन्हें गिनने में लगभग आधा घंटा लग गया। प्रारंभिक जांच में शरीर पर 34 चाकू के घाव मिले हैं, जिनमें अधिकांश छाती, पेट और गले पर हैं। चिकित्सकों ने विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की कई टीमें मौके पर पहुंचीं और जांच शुरू की। शाम तक आरोपी अमित को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस उससे पूछताछ कर हत्या की पूरी साजिश, हथियार खरीदने, रेकी करने और वारदात की तैयारी से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। इस नृशंस हत्या ने एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा, पीछा करने (स्टॉकिंग) और शिकायतों के बाद प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।