नवादा। बिहार के नवादा जिले में शुक्रवार को आकाशीय बिजली ने भीषण कहर बरपाया। नारदीगंज प्रखंड के सांगोवर गांव में वज्रपात की चपेट में आने से चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो महिलाएं गंभीर रूप से झुलस गईं। इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
जानकारी के अनुसार, सभी लोग खेत में काम कर रहे थे। दोपहर बाद अचानक मौसम खराब हो गया और तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए सभी पास में स्थित एक बरगद के पेड़ के नीचे खड़े हो गए। इसी दौरान तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली सीधे पेड़ पर गिरी और वहां मौजूद सभी लोग उसकी चपेट में आ गए। इस हादसे में भुवनेश्वर राजवंशी (62 वर्ष), मदन राजवंशी (47 वर्ष), शंभू यादव (44 वर्ष) और सोनू कुमार (9 वर्ष) की मौके पर ही गंभीर हालत हो गई। वहीं शोभा देवी (40 वर्ष) और सुनीता देवी (50 वर्ष) भी बुरी तरह झुलस गईं। घटना के तुरंत बाद ग्रामीणों ने सभी घायलों को आनन-फानन में नारदीगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। जहां चिकित्सकों ने चार लोगों को मृत घोषित कर दिया, जबकि दोनों घायल महिलाओं का इलाज जारी है। अस्पताल परिसर में परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। परिजनों ने बताया कि अगर बारिश से बचने के लिए वे पेड़ के नीचे नहीं जाते तो शायद इतना बड़ा हादसा नहीं होता। अचानक हुए इस हादसे ने पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को सरकारी नियमानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। नारदीगंज थाना प्रभारी राजेश कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए लोगों से अपील की कि बारिश और गरज-चमक के दौरान किसी भी परिस्थिति में पेड़ों के नीचे शरण न लें। उन्होंने कहा कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर ही रहें और मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करें। मानसून के दौरान बिहार में वज्रपात की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बिजली गिरने के समय खुले मैदान, पेड़ों और ऊंचे स्थानों से दूर रहना ही सबसे सुरक्षित उपाय है। यह हादसा एक बार फिर प्राकृतिक आपदाओं के प्रति सतर्क रहने की गंभीर चेतावनी बनकर सामने आया है।

