पटना। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार (1 जुलाई) को आयोजित कैबिनेट की उच्चस्तरीय बैठक में बिहार के विकास, शिक्षा, धार्मिक पर्यटन और बुनियादी ढांचे को लेकर कई ऐतिहासिक फैसलों पर मुहर लगाई गई है। इस बेहद महत्वपूर्ण बैठक में कुल 29 बड़े एजेंडों को स्वीकृति दी गई। बैठक में मुख्यमंत्री के साथ दोनों उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी व बिजेंद्र प्रसाद यादव और विभिन्न विभागों के आला अधिकारी मौजूद रहे। कैबिनेट के इन फैसलों से राज्य में रोजगार, शिक्षा और पर्यटन के क्षेत्र को एक नई गति मिलने की उम्मीद है। अपनी कैबिनेट बैठकों में धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के विकास को प्राथमिकता देने वाले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस बार भी श्रद्धालुओं को बड़ी सौगात दी है। 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व- 1000 वर्ष की अटूट आस्था' के पावन अवसर पर बिहार सरकार राज्य के लगभग 1100 श्रद्धालुओं के लिए आगामी 20 जुलाई से दो दिवसीय 'सोमनाथ यात्रा' का आयोजन करने जा रही है। इसके साथ ही, बक्सर स्थित केंद्रीय कारा परिसर में स्थापित ऐतिहासिक भगवान वामन मंदिर के विकास, सौंदर्यीकरण और श्रद्धालुओं के सुगम प्रवेश के लिए समुचित विकास योजनाओं को भी हरी झंडी दी गई है।
बिहार के युवाओं और छात्रों के लिए शिक्षा के क्षेत्र में कैबिनेट ने दो बड़े फैसले लिए हैं। पहला, राज्य के पांच जिलों पूर्णिया, राजगीर (नालंदा), शेखपुरा, मधेपुरा और मधुबनी में नए केंद्रीय विद्यालय खोलने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इन सभी विद्यालयों के लिए 5-5 एकड़ सरकारी भूमि निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। दूसरा बड़ा फैसला उच्च शिक्षा को लेकर है। बिहार के विश्वविद्यालयों और अंगीभूत महाविद्यालयों में लंबे समय से खाली चल रहे शिक्षकों के रिक्त पदों को तेजी से भरने के लिए 'बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग कार्य संचालन संशोधन नियमावली 2026' के प्रारूप को स्वीकृति दे दी गई है। इससे प्रोफेसरों की बहाली का रास्ता साफ होगा। बिहार में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को विश्वस्तरीय बनाने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, गया और दरभंगा सहित राज्य के 31 प्रमुख बस स्टैंडों का कायाकल्प किया जाएगा। इन सभी बस स्टैंडों को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर आधुनिक सुविधाओं से लैस कर विकसित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, राजधानी पटना की सबसे बड़ी समस्या यानी सड़क अतिक्रमण, अनियमित वेंडिंग और ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए एक अनोखा फैसला लिया गया है। पटना नगर निगम को इन दीर्घकालीन शहरी चुनौतियों से निपटने के लिए 200 करोड़ रुपये तक का 'नगर निगम बॉन्ड' जारी करने की सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई है। इस राशि का उपयोग मुख्य रूप से सड़कों को व्यवस्थित करने और आधुनिक वेंडिंग जोन बनाने में किया जाएगा। इन तमाम फैसलों के साथ ही कैबिनेट ने बुनियादी ढांचे से जुड़ी कई अन्य कल्याणकारी योजनाओं को भी अपनी मंजूरी दी है।

