कई पार्किंग परियोजनाएं पूरी होने से शहरी जाम में कमी की उम्मीद

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देहरादून। उत्तराखंड में बढ़ती आबादी, तेजी से बढ़ते निजी वाहनों और पर्यटन गतिविधियों के कारण ट्रैफिक जाम एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। राजधानी देहरादून सहित प्रदेश के कई शहरों में आम दिनों में ही लोगों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ता है, जबकि पर्यटन और तीर्थाटन सीजन में हालात और भी बदतर हो जाते हैं। सड़कों के किनारे अव्यवस्थित खड़े वाहन और पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था का अभाव इस समस्या की मुख्य वजह मानी जा रही है।

इसी चुनौती से निपटने के लिए राज्य सरकार ने बड़े स्तर पर पार्किंग सुविधाओं के विकास की दिशा में काम तेज कर दिया है। शासन-प्रशासन की ओर से प्रदेश के विभिन्न शहरों में आधुनिक और व्यवस्थित पार्किंग परियोजनाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है, जिससे यातायात व्यवस्था में सुधार लाने की उम्मीद है। प्रदेश के 11 चिन्हित स्थानों पर नई पार्किंग सुविधाएं विकसित की जा रही हैं, जहां कुल 1082 वाहनों के खड़े होने की व्यवस्था होगी। इन परियोजनाओं का लगभग 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और संभावना है कि चालू वित्तीय वर्ष के भीतर इनका निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। इससे स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों दोनों को राहत मिलेगी। पिछले चार वर्षों में प्रदेश के विभिन्न विकास प्राधिकरणों की ओर से कुल 195 स्थानों पर पार्किंग निर्माण के प्रस्ताव शासन को भेजे गए थे। इनमें सरफेस पार्किंग, मल्टी लेवल पार्किंग और टनल पार्किंग जैसी आधुनिक व्यवस्थाएं शामिल थीं। आवास विभाग ने इनमें से 114 स्थानों की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को मंजूरी दे दी है और संबंधित परियोजनाओं के लिए बजट भी जारी कर दिया गया है।

सरकार द्वारा पार्किंग विकास को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है। पहले चरण में 54 स्थानों पर कुल 3244 वाहनों के लिए पार्किंग सुविधा विकसित कर संचालन शुरू किया जा चुका है। इन स्थानों पर लोगों को पहले ही व्यवस्थित पार्किंग सेवा का लाभ मिल रहा है, जिससे कई क्षेत्रों में जाम की स्थिति में सुधार देखने को मिला है। विकास प्राधिकरणों द्वारा अपने संसाधनों से 11 अन्य स्थानों पर पार्किंग निर्माण कार्य किया जा रहा है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने पर 359 वाहनों के लिए अतिरिक्त पार्किंग सुविधा उपलब्ध होगी। इससे शहरों के भीड़भाड़ वाले इलाकों में यातायात का दबाव कम करने में मदद मिलेगी। आवास विभाग के सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने सभी विकास प्राधिकरणों को पार्किंग निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। विशेष रूप से आगामी चारधाम यात्रा सीजन को ध्यान में रखते हुए चिन्हित स्थानों पर पार्किंग सुविधा समय से पहले शुरू करने पर जोर दिया गया है। साथ ही पार्किंग स्थलों पर शौचालय, पर्याप्त रोशनी, साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता मानकों का पालन अनिवार्य किया गया है, ताकि दीर्घकालिक और सुरक्षित सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड में हर वर्ष करोड़ों की संख्या में पर्यटक और श्रद्धालु पहुंचते हैं। बेहतर सड़क नेटवर्क के कारण अब बड़ी संख्या में लोग निजी वाहनों से यात्रा कर रहे हैं, जिससे शहरों में यातायात का दबाव बढ़ा है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए पिछले चार वर्षों में लगभग छह हजार वाहनों के लिए पार्किंग सुविधा विकसित करने पर काम किया गया है, जिनमें से कई परियोजनाएं पूरी भी हो चुकी हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि नई पार्किंग परियोजनाओं के पूरा होने से ट्रैफिक जाम की समस्या में काफी हद तक कमी आएगी और लोगों को सुगम यातायात का अनुभव मिलेगा। कुल मिलाकर, राज्य सरकार की यह पहल न केवल यातायात प्रबंधन को बेहतर बनाएगी, बल्कि पर्यटन, तीर्थाटन और शहरी विकास को भी नई दिशा देगी। आने वाले समय में उत्तराखंड के शहरों में व्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था जाम की समस्या को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती नजर आएगी।