पटना। बिहार में योजनाबद्ध शहरी विकास की दिशा में राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में 11 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की महत्वाकांक्षी योजना को गति देते हुए शुक्रवार को नगर विकास एवं आवास विभाग और हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (HUDCO) के बीच एक लाख करोड़ रुपये के दीर्घकालिक वित्तपोषण को लेकर समझौता (एमओयू) किया गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की मौजूदगी में लोक सेवक आवास स्थित संकल्प सभागार में हुए इस समझौते को बिहार के शहरी विकास के इतिहास का एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। एमओयू पर नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार और HUDCO के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक संजय कुलश्रेष्ठ ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि यह परियोजना बिहार को आधुनिक और संतुलित शहरी विकास की नई दिशा देगी। उन्होंने कहा कि राज्य में तेजी से बढ़ती आबादी और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आधुनिक सुविधाओं से लैस नए शहर विकसित करना समय की जरूरत है।मुख्यमंत्री ने बताया कि इस परियोजना के तहत राज्य में तीन लाख एकड़ से अधिक क्षेत्र में 11 अत्याधुनिक सैटेलाइट टाउनशिप विकसित की जाएंगी। इन टाउनशिप में चौड़ी सड़कें, आधुनिक पेयजल व्यवस्था, सीवरेज नेटवर्क, निर्बाध बिजली आपूर्ति, हरित क्षेत्र, पार्क, शैक्षणिक संस्थान, अस्पताल, वाणिज्यिक केंद्र, सार्वजनिक परिवहन और अन्य सभी आवश्यक नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उद्देश्य यह है कि लोगों को अपने ही राज्य में विश्वस्तरीय शहरी जीवन और बेहतर बुनियादी सुविधाएं मिल सकें।
परियोजना की एक महत्वपूर्ण विशेषता लैंड पुलिंग मॉडल होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मॉडल के तहत किसानों को केवल जमीन देने वाला पक्ष नहीं, बल्कि विकास प्रक्रिया का भागीदार बनाया जाएगा। जिन किसानों की भूमि परियोजना में शामिल होगी और जो मुआवजे के लिए आवेदन करेंगे, उन्हें 30 दिनों के भीतर भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। सरकार का दावा है कि इससे भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तेज और विवादरहित बनेगी तथा किसानों के हितों की भी सुरक्षा होगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि HUDCO के माध्यम से इस परियोजना में एक लाख करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। इसके अतिरिक्त लगभग छह लाख करोड़ रुपये का निजी और संस्थागत निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का मानना है कि इतने बड़े निवेश से निर्माण क्षेत्र को नई गति मिलेगी और राज्य में आर्थिक गतिविधियों का व्यापक विस्तार होगा। उन्होंने कहा कि इस महत्वाकांक्षी योजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाखों रोजगार और स्वरोजगार के अवसर पैदा होंगे। निर्माण कार्य, रियल एस्टेट, परिवहन, व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य, होटल, सेवा क्षेत्र और छोटे उद्योगों में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित होने की संभावना है। इससे युवाओं को अपने राज्य में ही बेहतर रोजगार मिलने के अवसर बढ़ेंगे और पलायन में भी कमी आ सकती है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार सरकार राज्य में शहरीकरण की दर को 35 प्रतिशत तक पहुंचाने के लक्ष्य पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि आधुनिक और सुव्यवस्थित शहर केवल रहने की जगह नहीं होते, बल्कि वे आर्थिक विकास, औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन के प्रमुख केंद्र भी बनते हैं। ऐसे में HUDCO के साथ हुआ यह समझौता बिहार के समग्र विकास को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने HUDCO और नगर विकास एवं आवास विभाग की पूरी टीम को इस पहल के लिए बधाई देते हुए विश्वास जताया कि भविष्य में भी दोनों संस्थान मिलकर बिहार के विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का कार्य करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह परियोजना निर्धारित समयसीमा के अनुसार पूरी होती है तो बिहार के शहरी विकास की तस्वीर बदल सकती है। आधुनिक बुनियादी ढांचे, नियोजित आवासीय क्षेत्रों और बेहतर नागरिक सुविधाओं से न केवल लोगों का जीवन स्तर सुधरेगा, बल्कि राज्य निवेशकों के लिए भी एक आकर्षक गंतव्य बनकर उभरेगा। यह योजना आने वाले वर्षों में बिहार के आर्थिक, सामाजिक और शहरी विकास की नई पहचान बन सकती है।

