पटना। बिहार सरकार के पूर्व मंत्री, आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल के नेता तेजप्रताप यादव ने एक ऐसा चौंकाने वाला कदम उठाया है, जिसने राज्य के राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। तेजप्रताप यादव ने पटना के सचिवालय थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए छात्र नेता आकाश यादव, अनुष्का यादव और उनके परिवार के सदस्यों समेत कुल आठ लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई है।
तेजप्रताप ने इन सभी पर बेहद गंभीर और सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा है कि ये सभी लोग मिलकर उनके खिलाफ गहरी राजनीतिक साजिश रच रहे हैं और उनकी तथा उनके पिता लालू प्रसाद यादव की हत्या करवाने की खतरनाक योजना बना रहे हैं। इस हाई-प्रोफाइल मामले की जानकारी देते हुए तेजप्रताप यादव ने अपनी जान को बड़ा खतरा बताया है। उन्होंने एक हालिया घटना का जिक्र करते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए। तेजप्रताप यादव ने मीडिया के सामने आकर कहा "मेरी सामाजिक और राजनीतिक छवि को पूरी तरह बर्बाद करने का एक सुनियोजित खेल खेला जा रहा है। आकाश यादव द्वारा मेरे पिता लालू प्रसाद यादव जी और मेरी हत्या की साजिश रची जा रही है। अभी हाल ही में जब मैंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी, उसके तुरंत बाद चार अज्ञात और संदिग्ध लोग अचानक मेरे घर में घुस आए। जब तक सुरक्षाकर्मी उन्हें पकड़ पाते, वे लोग वहां से भागने में सफल रहे। ऐसी स्थिति में मेरे साथ कुछ भी अनहोनी हो सकती है; मुझ पर हमला करवाया जा सकता है, मेरे ऊपर बम फेंकवाया जा सकता है। मैं बिहार सरकार से अपनी सुरक्षा पुख्ता करने की मांग करता हूं। तेजप्रताप ने सचिवालय थाने को दिए आवेदन में स्पष्ट किया है कि पिछले काफी समय से एक गिरोह बनाकर उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाई जा रही है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ झूठे आरोप लगाकर उन्हें ब्लैकमेल करने और अवैध धन वसूली (उगाही) करने की लगातार कोशिशें हो रही थीं, जिसके खिलाफ अब उन्होंने विधिवत कानूनी रास्ता अख्तियार किया है। उन्होंने बताया कि इस मामले में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 308 (गैर-इरादतन हत्या का प्रयास) सहित अन्य कई सुसंगत और कड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की मांग की गई है। तेजप्रताप ने कड़े लहजे में कहा कि जो लोग झूठ, फरेब और ब्लैकमेलिंग के सहारे किसी की सामाजिक प्रतिष्ठा को धूल-धूसरित करना चाहते हैं, वे अब कानून के शिकंजे से किसी भी कीमत पर बच नहीं पाएंगे।
शिकायत की सबसे संवेदनशील कड़ियों में से एक अनुष्का यादव का नाम भी शामिल है। तेजप्रताप ने अपने आवेदन में एक भावुक और पारिवारिक पहलू को भी सामने रखा है। उनका आरोप है कि अनुष्का यादव, आकाश यादव और उनके अन्य करीबियों ने मिलकर उनके खिलाफ ऐसा चक्रव्यूह और षड्यंत्र रचा, जिसके कारण उन्हें अपने ही परिवार से अलग-थलग होने जैसी विकट और मानसिक रूप से परेशान करने वाली परिस्थितियों का सामना करना पड़ा।तेजप्रताप ने साफ कहा कि उन्हें अब अपनी जान-माल का सीधा खतरा महसूस हो रहा है, इसलिए इस पूरे नेक्सस की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच होनी बेहद जरूरी है। तेजप्रताप यादव ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कहा है कि वह इस पूरे प्रकरण की तह तक जाने के लिए बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से भी व्यक्तिगत रूप से मुलाकात करेंगे और उनसे एक स्वतंत्र जांच एजेंसी से जांच कराने का अनुरोध करेंगे, ताकि सच्चाई पूरी तरह सामने आ सके।इधर, मामला लालू परिवार के बड़े बेटे से जुड़े होने के कारण पटना पुलिस तुरंत एक्शन मोड में आ गई है। सचिवालय थानाध्यक्ष ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया तेजप्रताप यादव द्वारा दिए गए शिकायती आवेदन को प्राप्त कर लिया गया है और पुलिस ने मामले की गहन जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। आवेदन में लगाए गए सभी आरोपों, घटनाक्रमों और उपलब्ध तथ्यों की बारीकी से जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस घटनाक्रम के बाद एक बार फिर बिहार की राजनीति का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है, और सभी की नजरें अब पुलिस की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।

