सहारनपुर में गोलियों की तड़तड़ाहट: सवा लाख का कुख्यात ललन सिंह यूपी पुलिस मुठभेड़ में ढेर, 3 भाइयों का हुआ खौफनाक अंत

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उत्तर प्रदेश का सहारनपुर जिला सोमवार तड़के अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट और पुलिस की गाड़ियों के सायरन से दहल उठा। सरसावा-नकुड़ मार्ग पर यूपी पुलिस और बदमाशों के बीच हुई इस सीधी मुठभेड़ में बिहार का कुख्यात अपराधी और सवा लाख रुपये का इनामी ललन सिंह उर्फ लल्लन ढेर हो गया। कई राज्यों की पुलिस के लिए सिरदर्द बन चुके इस अपराधी के मारे जाने की खबर से जरायम की दुनिया में हड़कंप मच गया है। दिलचस्प और खौफनाक पहलू यह है कि यूपी पुलिस ने ललन सिंह से पहले उसके दो सगे भाइयों को भी एनकाउंटर में ढेर किया था।

बिहार के समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीननगर (आनंदगोलवा गांव) का रहने वाला ललन सिंह जरायम की दुनिया का वो बेरहम नाम था, जो पुलिसकर्मियों की हत्या करने से भी पीछे नहीं हटता था। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, उस पर हत्या, बैंक डकैती, कैश वैन लूट और सरकारी हथियार लूटने के 13 से ज्यादा संगीन मामले दर्ज थे। लल्लन के खूनी इतिहास पर नजर डालें तो उसने नालंदा में एएसआई भुवनेश्वर सिंह, पटना के बाढ़ में एएसआई सुरेश ठाकुर और फतुहा में एएसआई आरआर चौधरी की बेरहमी से हत्या कर उनके सरकारी हथियार लूटे थे। इसके अलावा, वाराणसी में दारोगा अजय यादव की हत्या और सोहसराय में कैश वैन लूट के दौरान दोहरा हत्याकांड कर उसने पुलिस तंत्र को खुली चुनौती दी थी। बेलछी में बैंक के सामने तिहरे हत्याकांड को अंजाम देकर 60 लाख रुपये लूटने का मुख्य आरोपी भी वही था। ललन सिंह का अंत ठीक उसी स्क्रिप्ट पर हुआ, जिस पर 3 साल 8 महीने पहले उसके दो भाइयों का हुआ था। नवंबर 2022 में वाराणसी के रोहनिया में तैनात दारोगा अजय राय की ललन सिंह और उसके दो भाइयों ने मिलकर हत्या कर दी थी और हथियार छीनकर भाग गए थे। इसके बाद वाराणसी के बड़गांव में हुई मुठभेड़ में पुलिस ने लल्लन के दो सगे भाइयों, मनीष सिंह और रजनीश सिंह को ढेर कर दिया था। उस समय ललन सिंह भी मौके पर था, लेकिन वह भागने में सफल रहा था। तब से यूपी और बिहार पुलिस उसकी परछाई की तरह तलाश कर रही थी, जिसका अंत सोमवार सुबह सहारनपुर में हुआ। एक तरफ जहां पुलिस इसे बड़ी कामयाबी मान रही है, वहीं ललन सिंह के गांव आनंदगोलवा में सन्नाटा पसरा है। लल्लन के पिता शिवशंकर सिंह और मां रेशमी देवी दोनों दिव्यांग हैं और भगवान भरोसे आधे-अधूरे घर में रहते हैं। मां रेशमी देवी ने रोते हुए बताया कि लल्लन वर्षों से गांव नहीं आया था, वह शादीशुदा था और दो बच्चों के साथ अलग रहता था। ग्रामीणों के अनुसार, शिवशंकर सिंह के पांच बेटे थे, जिनमें से तीन (मनीष, रजनीश और अब ललन) यूपी पुलिस के एनकाउंटर में मारे जा चुके हैं। चौथा बेटा बबुआ सिंह हाजीपुर जेल में बंद है, जबकि पांचवां बेटा अपराध से दूर कहीं प्राइवेट नौकरी करता है। पांच भाइयों में सिर्फ ललन ही शादीशुदा था, जिसका अंत भी आखिरकार पुलिस की गोलियों से हुआ।