लुटियंस दिल्ली में नीतीश कुमार का नया 'पावर सेंटर': 9 सुनहरी बाग रोड बना नया ठिकाना,जानिए ₹100 करोड़ के इस टाइप-8 बंगले की खासियत

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पटना। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार अब देश की सियासत के सबसे बड़े केंद्र लुटियंस दिल्ली से अपनी नई राजनीतिक पारी को धार देंगे। मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ने के बाद राज्यसभा के लिए चुने गए नीतीश कुमार को दिल्ली के सबसे पॉश इलाके में सरकारी बंगला आवंटित किया गया है। उनका नया आधिकारिक पता 9, सुनहरी बाग रोड है। आगामी 20 जुलाई से शुरू होने जा रहे संसद के मानसून सत्र से ठीक पहले आज नीतीश कुमार ने अपने इस नए वीआईपी आवास में पूरे विधि-विधान और धार्मिक अनुष्ठान के साथ गृह प्रवेश किया। इस मौके पर उनके साथ जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी और विधान पार्षद ललन सरार्फ सहित भाजपा और जेडीयू के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

लुटियंस दिल्ली के इस बेहद वीआईपी जोन में स्थित नीतीश कुमार का यह नया सरकारी आवास 'टाइप-8' श्रेणी का है। यह भारत सरकार द्वारा आवंटित किए जाने वाले सरकारी आवासों में सबसे ऊंची और प्रतिष्ठित श्रेणी मानी जाती है। टाइप-8 श्रेणी के बंगले बेहद सीमित संख्या में हैं और ये आमतौर पर केवल केंद्रीय कैबिनेट के वरिष्ठ मंत्रियों, सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट के जजों और देश के शीर्षस्थ नौकरशाहों को ही दिए जाते हैं। दिल्ली के इस दिल में नीतीश कुमार को ऐसा बंगला मिलना उनके विशाल राजनीतिक कद, लंबे अनुभव और भारतीय राजनीति में उनकी अहमियत को साफ दर्शाता है। नीतीश कुमार का यह नया ठिकाना देश की सत्ता के मुख्य केंद्रों के बिल्कुल करीब है। यह बंगला संसद भवन, प्रधानमंत्री कार्यालय और केंद्रीय सचिवालय (नॉर्थ व साउथ ब्लॉक) से महज कुछ मिनटों की दूरी पर स्थित है। दिलचस्प बात यह है कि इस वीआईपी लेन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का आवास भी बेहद करीब है, जिससे यह इलाका दिल्ली का सबसे बड़ा राजनीतिक हब माना जाता है। बाजार मूल्यांकन के अनुसार, लुटियंस जोन के इन ऐतिहासिक बंगलों की अनुमानित कीमत 70 से 100 करोड़ रुपये के बीच आंकी जाती है। इसकी भव्यता और आंतरिक सुख-सुविधाएं किसी महल से कम नहीं हैं। औपनिवेशिक (ब्रिटिश) दौर की ऐतिहासिक वास्तुकला पर बने इस बंगले के आगे और पीछे के हिस्से में बेहद खूबसूरत, विशाल हरे-भरे लॉन और चौड़े ड्राइववे हैं। बंगले के भीतर 5 से 6 बड़े भव्य बेडरूम, एक विशाल ड्राइंग और डाइनिंग हॉल, और पढ़ने के लिए एक शानदार पर्सनल लाइब्रेरी/स्टडी रूम बनाया गया है। मुख्य भवन के अलावा इसमें कार्यालय कक्ष (ऑफिस रूम), गाड़ियों के लिए गैराज, सुरक्षाकर्मियों के लिए गार्ड रूम और सहायक स्टाफ के रहने के लिए अलग क्वार्टर बने हुए हैं। हालांकि दिल्ली में नीतीश कुमार का अपना एक निजी आवास भी मौजूद है, लेकिन अब वह इस सरकारी बंगले से ही अपनी गतिविधियां चलाएंगे। मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद नीतीश कुमार ने पहले ही अपना रुख साफ कर दिया था कि वे संसद सत्र के दौरान पूरी तरह दिल्ली में सक्रिय रहेंगे और बाकी समय पटना में अपनी पार्टी और बिहार की जनता के बीच बिताएंगे। 20 जुलाई से शुरू हो रहे मानसून सत्र में वे राज्यसभा की कार्यवाही में प्रमुखता से हिस्सा लेते नजर आएंगे।